डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत: साल में सबसे बड़ी बढ़त

Dollar Vs Rupees: भारतीय रुपया मंगलवार (3 फरवरी) को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 साल की सबसे बड़ी बढ़त के साथ 90.20 के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील के ऐलान के कारण हुई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। इससे पहले 2025 में रुपया करीब 5% तक टूटकर एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बन गया था।
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89 के स्तर पर जा सकता है रुपया
एक्स्पर्ट्स का मानना है कि रुपए में यह तेजी अभी और जारी रह सकती है। मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, निर्यात बढ़ने की उम्मीद से रुपए की मांग में और इजाफा होगा। शॉर्ट टर्म में रुपया 89.50 से 89.00 के स्तर पर जा सकता है।
कैसे तय होती है करेंसी की कीमत?
डॉलर की तुलना में किसी भी अन्य करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना, टूटना, कमजोर होना कहते हैं। अंग्रेजी में करेंसी डेप्रिसिएशन कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे वह इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन करता है। फॉरेन रिजर्व के घटने और बढ़ने का असर करेंसी की कीमत पर दिखता है।
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ट्रेड डील के ऐलान के बाद आई तेजी
रुपए में आई इस तेजी के पीछे भारत और अमेरिका के बीच हुआ ‘गिव एंड टेक’ समझौता है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर बताया कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद करेगा और इसके बदले अमेरिका व वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इसके अलावा, भारत ने अगले कुछ वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर (करीब 45 लाख करोड़ रुपए) की एनर्जी, टेक्नोलॉजी और कृषि उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।
NEWS SOURCE Credit: Dainik Bhaskar




