फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए करें रणनीति तैयार

Haryana Govt: धान कटाई (paddy harvesting) का सीजन शुरू होने वाला है। सीजन में फसल अवशेष जलाने की संभावनाएं बनी रहती हैं। इसको लेकर कृषि विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के स्टाफ की फील्ड में ड्यूटी लगाई जाए, ताकि मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके। इस बार आगजनी के मामलों को शून्य पर लाने के लिए अच्छी रणनीति तैयार करें। इसके साथ ही गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में प्रेरित किया जाए।
डीसी डॉ आनंद कुमार शर्मा मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में खरीफ-2026 के दौरान फसल अवशेषों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर आयोजित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि उपमंडल स्तर पर कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। साथ ही, उपमंडल स्तर पर जागरूकता गतिविधियां एवं बैठक आयोजित कर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जाए।
इन-सीटू एवं एक्स-सीटू
डीसी ने कहा कि गांव स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा किसानों को फसल अवशेषों के इन-सीटू एवं एक्स-सीटू प्रबंधन के लाभों की जानकारी दी जाए। इसके साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यार्थी अपने परिवार एवं आसपास के किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए प्रेरित कर सकें।
बैठक में डीसी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी थाना प्रभारियों को इस संबंध में अलर्ट रखा जाए और फसल अवशेष जलाने की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने डीडीए को निर्देश दिए कि फील्ड में पर्याप्त स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी निगरानी व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि खेत स्तर पर फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की प्रभावी निगरानी हो सके।
1200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि (Haryana Govt)
फसल अवशेषों के इन-सीटू एवं एक्स-सीटू प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा 1200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि किसान इस सुविधा का लाभ उठाएं और फसल अवशेषों को जलाने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना कर फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कृषि विभाग के उपनिदेशक ने डीसी को बताया कि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि जिले के प्रत्येक गांव में निगरानी के लिए लगभग 700 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कैंप एवं वर्कशॉप आयोजित किए जा रहे हैं तथा हाल ही में जिले में दो किसान मेलों का आयोजन भी किया गया है। आने वाले समय में भी किसानों को जागरूक करने के लिए ऐसी गतिविधियां जारी रहेंगी।



