पहलगाम में हरियाणा के लेफ्टिनेंट की कैसे हुई हत्या; पत्नी बोली- पूछा- हिंदू हो, हां सुनते ही AK-47 से मारीं 3 गोलियां

Vinay Narwal: करनाल के नेवी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल (Vinay Narwal) गुरुग्राम की रहने वाली पत्नी हिमांशी के साथ घूम रहे थे। अचानक गोलियों की आवाज आने लगी। हिमांशी (Himanshi) ने विनय को कहा- ”फायरिंग हो रही है, फायरिंग हो रही है”
हिमांशी की बात पूरी भी न हुई थी कि सेना की वर्दी में एक व्यक्ति हाथ में AK-47 लिए ठीक उनके सामने आ खड़ा हुआ। हिमांशी को लगा, इंडियन आर्मी (Indian Army) का जवान है। तभी उस व्यक्ति ने पूछा- क्या तुम हिंदू हो?
विनय ने बिना डरे जवाब दिया- हां, हिंदू (Hindu) हूं। यह सुनते ही उसने 3 गोलियां चला दीं और लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की शादी के महज 7 दिन बाद पत्नी के सामने ही हत्या कर दी। यह वाक्या हिमांशी ने अपने परिजनों को बताया। इस बारे में दैनिक भास्कर ने परिवार के रिश्तेदार सब इंस्पेक्टर (SI) नरेंद्र सिंह से बात की। उन्होंने बताया कि विनय और हिमांशी के साथ 22 अप्रैल को पहलगाम में क्या हुआ था…
विनय को 3 गोलियां लगीं, जमीन पर गिर पड़े
आतंकी की चलाई पहली गोली विनय की गर्दन पर लगी। दूसरी छाती और तीसरी कंधे के पास लगी। अचानक 3 गोलियां लगते ही विनय जमीन पर गिर पड़े। हिमांशी को कुछ समझ नहीं आया। वह इधर-उधर से मदद मांगती रहीं, मगर, वहां कोई मददगार ही नहीं था।
डेढ़ घंटे तक मदद का इंतजार करते रहे
हमले के बाद विनय डेढ़ घंटे तक उसी जगह पड़े रहे। हिमांशी ने पूरी ताकत से कोशिश की लेकिन कोई मदद नहीं पहुंच पाई। घाटी में नेटवर्क और साधनों की कमी के चलते राहत देरी से पहुंची और तब तक कई लोगों की जान जा चुकी थी।



