खेतों में जलाया गया भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता: BKU

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BKU: संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज गांवों में किसानों ने हमारा खेत, हमारा अधिकार अभियान के तहत जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने अपने-अपने खेतों में एकत्र होकर भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के विरोध में लिखित पर्चियां जलाकर रोष प्रकट किया। आज जिले के नीलोखेड़ी, घरौंडा, असंध, करनाल और इंद्री विकास खंडों में व्यापक स्तर पर विरोध देखने को मिला। बड़ी संख्या में किसानों ने खेतों में एकत्र होकर पर्चियां जलाईं और किसान एकता का परिचय दिया।

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भाकियू असंध ब्लॉक प्रधान जोगिंद्र सिंह झींडा ने कहा कि कृषि देश की रीढ़ है और किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई भी समझौता किसानों की सहमति के बिना स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौता यदि लागू हुआ तो इससे देश के किसानों, उनकी फसल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। किसान अपने खेत, अपनी फसल और अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे।

भाकियू (BKU) प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि आज दोपहर बाद प्रदेश की सभी ग्राम इकाइयों में किसानों ने शांतिपूर्ण, संगठित और अनुशासित तरीके से इस अभियान को सफल बनाया। हर गांव में किसानों ने अपने खेतों पर पहुंचकर भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता लिखी पर्चियों की होली जलाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। रतनमान ने कहा कि हमारा खेत, हमारा अधिकार केवल एक नारा नहीं, बल्कि किसानों की अस्मिता और आत्मसम्मान की आवाज है। उन्होंने सभी किसानों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज का विरोध कार्यक्रम किसान एकता का मजबूत संदेश है।

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उन्होंने बताया कि यह विरोध केवल एक दिन का नहीं, बल्कि किसानों (BKU) की जागरूकता और अधिकारों की रक्षा का व्यापक अभियान है। जब तक किसानों के हित सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। किसानों के भविष्य से जुड़े किसी भी फैसले में किसानों की राय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि सरकार ने किसानों की आवाज नहीं सुनी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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