तीन माह से वेतन नहीं मिलने पर सफाई कर्मचारियों ने खटखटाया भाकियू का दरवाजा

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BKU: खंड घरौंडा के बीडीपीओ में ग्राम सचिव पर झिवरेहड़ी ग्राम पंचायत के सफाई कर्मचारियों का मासिक वेतन रोकने, जातिसूचक शब्द कहने और ग्राम पंचायत की लेटर हेड का गलत इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे है। कई बार शिकायतों के बावजूद सुनवाई न होने से कर्मचारियों ने भारतीय किसान यूनियन का सहारा लिया है। भाकियू (BKU) ने कर्मचारियों के हक की लड़ाई लड़ने का ऐलान करते हुए 5 अगस्त को घरौंडा एसडीएम कार्यालय में रोष प्रदर्शन और सचिव के खिलाफ कार्रवाई व बकाया भत्ता दिलवाने के लिए ज्ञापन देने का ऐलान किया है। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

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शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान की अगुवाई में किसान और ग्रामीण सफाई कर्मचारी स्थानीय कार्यालय में जुटे। बैठक में सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कर्मचारियों की आवाज बुलंद करने का फैसला लिया गया। बलजीत नामक सफाई कर्मचारी का आरोप है कि वह और उसकी भाभी बिमला पिछले तीन माह से मासिक वेतन नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कई बार तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी से लेकर सरपंच तक गुहार लगाई, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।

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पीड़ित सफाई कर्मचारी बलजीत का आरोप है कि सरपंच ने स्पष्ट कहा कि भुगतान सरपंच और ग्राम सचिव के डोंगल से होता है और वह भुगतान करने को तैयार हैं, लेकिन सचिव से संपर्क करें। जब बलजीत और बिमला सचिव से मिलने घरौंडा बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे, तो वे वहां नहीं मिले। बाद में घरौंडा बस स्टैंड के पास मिले, जहां बलजीत ने नम्रता से वेतन देने का आग्रह किया। इस पर सचिव ने कथित तौर पर अभद्र भाषा और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और महिला कर्मचारी से भी आपत्तिजनक बात कही। आरोप है कि सचिव ने धमकी दी कि जब तक उसकी बात नहीं मानेंगे, भुगतान नहीं होगा।

सरपंच प्रतिनिधि ने लगाए आरोप

गांव के पूर्व सरपंच और मौजूदा सरपंच प्रतिनिधि राजबीर मोकल का कहना है कि ग्राम सचिव ने राजनीतिक दबाव में तनख्वाह रोकी है। सरपंच ने खुद लेटर हेड पर लिखकर बीडीपीओ को भेजा कि कर्मचारी सही काम करते हैं और भुगतान दिया जाए। आदेश के बावजूद भी सैलरी रिलीज नहीं हुई। राजबीर का आरोप है कि सचिव उनकी सरपंच पुत्रवधु से रेजुलेशन के नाम पर कोरे लेटर हेड पर साइन करवाकर गांव वालों के झूठे हस्ताक्षर कराए और लेटर हेड का दुरुपयोग किया। उन्होंने सोमवार को सचिव के खिलाफ औपचारिक शिकायत देने की बात कही है।

BKU: प्रदेश अध्यक्ष ने सुनाई सख्त बात

भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि सचिव ने जबरन दो कर्मचारियों का वेतन बंद कर दिया है। वेतन मांगने पर अभद्र व्यवहार किया गया और जातिसूचक शब्द कहे गए। पीड़ितों ने डिप्टी कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत कर दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब संगठन इनकी आवाज उठाएगा और 5 अगस्त को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

बीडीपीओ बोले दोनों पक्षों की बात सुनेंगे

बीडीपीओ सोमबीर खटकड़ से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों की सैलरी रोकने में सचिव का रोल नहीं होता। अगर ग्राम पंचायत की तरफ से लिखकर दिया जाता है तो ही सैलरी रोकी जा सकती है। अगर सरपंच की तरफ से यह लिखकर दिया हुआ है कि सैलरी दे दी जाए ताे सैलरी दी जाएगी। जहां तक लेटर हेड के मिसयूज की बात है, उसको लेकर दोनों पक्षों को आमने सामने खड़ा करके बातचीत की जाएगी। अगर कुछ गड़बड़ी सामने आती है तो नियमानुसार एक्शन लिया जाएगा।

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