क्या सीजफायर के बाद भी बॉर्डर पर तैनात रहेंगी सेनाएं; सीजफायर की घोषणा करते हुए दोनों देशों ने क्या कहा?

Operation Sindoor: भारत-पाकिस्तान के बीच 4 दिनों से जारी मिलिट्री एक्शन 10 मई की शाम थम सा गया था। अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों देश सीजफायर के लिए तैयार हो गए थे। लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी की खबरें आती रहीं।
क्या पाकिस्तान सीजफायर मानने को तैयार है?
जवाब: पाकिस्तान सरकार भले ही अमेरिका की मध्यस्थता में राजी हो गई हो, लेकिन 5 बजे सीजफायर के ऐलान के 3 घंटे बाद ही पाकिस्तान की सेना ने सीजफायर का उल्लंघन कर दिया।
रात 8 बजे से पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर के अखनूर, पुंछ, नौशेरा, श्रीनगर, आरएसपुरा, सांबा, उधमपुर में फायरिंग शुरू हो गई। राजौरी में शेलिंग (तोप और मोर्टार) की गई। उधमपुर में ड्रोन से हमला हुआ।
जम्मू-कश्मीर में भी ड्रोन देखे गए। इसके बाद जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पंजाब और गुजरात के बॉर्डर वाले जिलों में ब्लैकआउट कर दिया गया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने करीब 9 बजे रात को X पर लिखा, ‘ये कैसा सीजफायर है, श्रीनगर में धमाके सुने जा रहे हैं।’
रात 11 बजे भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया पाकिस्तान ने सीजफायर का घोर उल्लंघन किया। वह स्थिति को ठीक से समझे।
Operation Sindoor: सीजफायर की घोषणा करते हुए दोनों देशों ने क्या कहा?
जवाब: पहलगाम हमले के जवाब में 7 मई को पाकिस्तान और PoK के 9 आतंकी ठिकानों पर भारत ने एयर स्ट्राइक की थी। इसके बाद 8 और 9 मई को पाकिस्तान ने भारत के कई सैन्य ठिकानों और आबादी के इलाकों पर ड्रोन और मिसाइल हमला करने की कोशिश की, जिसे नाकाम कर दिया गया।
10 मई की शाम को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान आया। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर राजी हो गए हैं। दोनों देशों को बुद्धिमानी से काम लेने के लिए बधाई।’
क्या सीजफायर का मतलब है कि दोनों सेनाएं बैरकों में वापस लौट जाएंगी?
जवाब: भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच बातचीत हुई है। मिसरी ने कहा, ‘10 मई की दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO के साथ बात की। दोनों ही सीजफायर के लिए सहमत हैं। आज शाम 5 बजे से दोनों देशों के बीच जमीन, हवा और पानी में किसी भी फायरिंग और मिलिट्री एक्शन पर रोक लगा दी गई है। दोनों देशों ने निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसको लेकर 12 मई को दोपहर 12 बजे दोनों DGMO के बीच अगली बातचीत होगी।’
विदेश सचिव के बयान से साफ है कि अगला बड़ा फैसला 12 मई की बातचीत के बाद तय होगा। यानी तब तक के लिए मौजूदा मिलिट्री डिप्लॉयमेंट बरकरार रहेगा। सेनाएं और हथियार तैयार रहेंगे। बातचीत के बाद ही इसमें कुछ कमी लाई जाएगी।




