बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लगा इतने करोड़ का फटका

Bank Strike: पांच दिनी बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर मंगलवार को सरकारी बैंकों (Government banks) के अधिकारी और कर्मचारी एकदिनी हड़ताल (bank employees strike) पर रहे। इस वजह से बैंक शाखाओं में पहुंचे ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और दिनभर लेन-देन के कामकाज ठप रहे। हड़ताल के चलते शहर के सरकारी बैंकों में करीब 60 से 65 करोड़ रुपये के लेन-देन पर असर पड़ा।
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हड़ताल (Bank Strike) में विभिन्न सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने माल रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल का मकसद लंबे समय से लंबित मांगों, खासकर सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू (Five working days a week is applicable) करने की मांग पर सरकार और बैंक प्रबंधन का ध्यान दिलाना है। उनका कहना है कि पांच दिनी बैंकिंग व्यवस्था से कर्मचारियों की कार्यक्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और ग्राहक सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
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नैनीताल में एसबीआई (SBI Bank) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की शाखाओं में सुबह करीब साढ़े 10 बजे कई ग्राहक परेशान नजर आए। ग्राहकों का कहना था कि उन्हें हड़ताल की कोई पूर्व सूचना नहीं मिली थी। जब वे अपने जरूरी काम से बैंक पहुंचे, तब पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इससे पहले शनिवार, रविवार और सोमवार को अवकाश के चलते बैंक बंद रहे थे, और अब मंगलवार को भी काम नहीं हो सका।
सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, व्यापारियों और दूरदराज से आए लोगों को हुई, जिन्हें बिना काम कराए लौटना पड़ा। खुपी-भूमियाधार से आए अमित और गौरव ने बताया कि वे काम छोड़कर बैंक पहुंचे थे, लेकिन यहां आकर पता चला कि हड़ताल है। खैरना-गरमपानी बाजार स्थित बैंकों में भी हड़ताल का असर दिखा, जहां ग्रामीण इलाकों से आए लोगों को बिना किसी पूर्व सूचना के खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
NEWS SOURCE Credit: Dainik Bhaskar



