जीवनशैली से जुड़ी आदतें बन रही हैं बाउल कैंसर की वजह; जानिए बचाव के लिए क्या उठाएं कदम

Bowel Cancer

Bowel Cancer: 25 से 49 वर्ष के आयु वर्ग में बाउल कैंसर के मामले दुनिया भर में बढ़ रहे हैं, लेकिन इंग्लैंड में बढ़त अन्य देशों की तुलना में अधिक तेज़ है. विशेषज्ञों का कहना है कि जीवनशैली से जुड़े कारक इस कैंसर के जोखिम को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. खराब आहार, जिसमें फाइबर की कमी, अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे प्रमुख कारक बाउल कैंसर के मामलों के बढ़ने में योगदान दे रहे हैं. इंग्लैंड में बाउल कैंसर तीसरा सबसे सामान्य कैंसर है.

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बाउल कैंसर बड़ी आंत (कोलन और रेक्टम) में विकसित होता है, और इसके स्थान के आधार पर इसे कोलन कैंसर या रेक्टल कैंसर कहा जाता है.

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Bowel Cancer से बचाव में आहार की भूमिका

बाउल कैंसर के जोखिम को कम करने और इससे उबरने में आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों जैसे मीठे नाश्ता अनाज, कैंडी, सफेद ब्रेड और चिप्स का सेवन न केवल डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर का जोखिम बढ़ाता है, बल्कि ये मोटापा और संज्ञानात्मक हानि का कारण भी बन सकते हैं. मोटापा भी कोलन कैंसर का एक प्रमुख जोखिम कारक है.

Bowel Cancer के सामान्य लक्षण

मल में बदलाव
दस्त या कब्ज़
शौचालय जाने की अधिक आवश्यकता
मल में खून, जो लाल या काला दिख सकता है
पेट में दर्द और सूजन
बिना कोशिश के वजन घटना
अत्यधिक थकान

बाउल कैंसर के बढ़ते मामलों के कारण

पश्चिमी देशों में उच्च मात्रा में रेड मीट और प्रोसेस्ड मांस का सेवन, और फाइबर की कमी जैसे कारण बाउल कैंसर के उच्च Incidence के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. इसके अतिरिक्त, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, तंबाकू और शराब का सेवन, नींद की कमी और अन्य कारक भी इस कैंसर के जोखिम को और बढ़ा सकते हैं.

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प्रमुख बिंदु (Bowel Cancer)

1. बाउल कैंसर का संबंध पाचन तंत्र के निचले हिस्से से है, जिसमें कोलन और रेक्टम शामिल हैं.
2. शुरुआती अवस्था में यह कैंसर नॉन-कैंसरस पॉलीप्स के रूप में विकसित हो सकता है. ये अक्सर बिना लक्षणों के होते हैं, लेकिन स्क्रीनिंग के माध्यम से इन्हें पहचाना जा सकता है.
3. डॉक्टरों का सुझाव है कि 50 वर्ष की उम्र से ऊपर या जिनका परिवार में कोलन कैंसर का इतिहास हो, उन्हें नियमित स्क्रीनिंग करानी चाहिए.

बाउल कैंसर को रोकने के लिए जीवनशैली में बदलाव

स्वस्थ जीवनशैली से बाउल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

फाइबर का अधिक सेवन करें (Bowel Cancer)

फाइबर से भरपूर आहार बाउल कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है. हरी पत्तेदार सब्जियां, फाइबर युक्त फल, नट्स, बीज और साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थ इसका प्रमुख स्रोत हैं. रोज़ाना 30 ग्राम फाइबर का सेवन बाउल कैंसर के जोखिम को आधा कर सकता है.

पर्याप्त पानी पिएं– 6-8 गिलास पानी रोज़ पीने से बाउल कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है. पानी शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है, जो कोलन में जमा होकर नुकसान कर सकते हैं.

नियमित व्यायाम करें– आजकल की निष्क्रिय जीवनशैली के कारण बाउल कैंसर के मामलों में वृद्धि हो रही है. चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना जैसे शारीरिक व्यायाम इस जोखिम को कम कर सकते हैं.

वजन कम करें– मोटापा बाउल कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है. अगर आप स्वस्थ वजन बनाए रखते हैं तो बाउल कैंसर का जोखिम कम होता है.

धूम्रपान और शराब से बचें– धूम्रपान और शराब का सेवन बाउल कैंसर के मामलों में योगदान करता है. यूके में 100 बाउल कैंसर के मामलों में से 7 का कारण धूम्रपान और 6 का कारण शराब का सेवन है.

NEWS SOURCE Credit : lalluram

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