हार्ट अटैक से बचना है तो आज से ही इन 4 तेल को खाना छोड़ दें: दूसरी बीमारियों से भी बचे रहेंगे

Health Tips: भारत में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां तेल से खाना न पकाया जा रहा हो. तेल हर रसोई का ज़रूरी हिस्सा है. दूसरी ओर आप यह भी देखते होंगे कि आए दिन 20-25 साल की उम्र से लोग हार्ट अटैक के कारण मर रहे हैं. हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण खून में कोलेस्ट्रॉल का ज्यादा होना है. हालांकि बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के कई कारण होते हैं लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कई तरह के तेल भी हाई कोलेस्ट्रॉल का बड़ा कारण है. अक्सर हम मानते हैं कि ऑर्गेनिक तेल खरीदना ही सेहत के लिए अच्छा है. लेकिन सच्चाई इससे अलग है. अध्ययन में यह साबित हो चुका है कि कुछ तेल दिल के लिए अच्छे नहीं होते. एक्सपर्ट के अनुसार इन तेलों में नकली ट्रांस फैट्स होते हैं.
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Health Tips: क्यों खराब हैं ये तेल
टीओआई की खबर के मुताबिक ये एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और एचडीएल (अच्छा) कोलेस्ट्रॉल को घटाते हैं. इससे हार्ट की बीमारी का खतरा बढ़ता है. अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टडी कहती है कि अगर पॉलीअनसैचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट वाले तेलों की जगह ट्रॉपिकल ऑयल जैसे नारियल तेल लिए जाएं, तो एलडीए कोलेस्ट्रॉल बहुत बढ़ सकता है. यह दिल की बीमारी का बड़ा कारण है. कुछ शोध यह भी कहते हैं कि ओमेगा-6 से भरपूर तेल जैसे कि रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल ज्यादा मात्रा में लेने से शरीर में सूजन हो सकती है. यह सूजन दिल की बीमारी को बढ़ावा देती है. ऐसे में अगर आप हार्ट अटैक से बचना चाहते हैं तो अपनी डाइट से इन 4 तेलों को निकाल दीजिए.
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Health Tips: इन 4 तेलों को डाइट से निकालिए
1. मार्जरीन – मार्जरीन ट्रांस फैटी एसिड का बड़ा स्रोत है. इसका ज़्यादा सेवन कोरोनरी हार्ट डिज़ीज़ यानी दिल की धमनी से जुड़ी बीमारी का खतरा बढ़ाता है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रांस फैटी एसिड खाने से कोरोनरी हार्ट डिज़ीज़ का खतरा बढ़ता है. हालांकि इसे कई देशों में बैन कर दिया गया है लेकिन कुछ जगहों पर अभी भी यह तेल बिकता है.
.कॉर्न ऑयल – कॉर्न ऑयल में ओमेगा-6 फैट बहुत ज़्यादा होता है. थोड़ी मात्रा में यह ज़रूरी है लेकिन ज़्यादा लेने से शरीर में लगातार सूजन बनी रह सकती है. यह सूजन धमनियों को नुकसान पहुंचा सकती है. यह धमनियों में प्लाक जमा कर सकती है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती है. शुलिच स्कूल ऑफ मेडिसीन एंड डेंटिस्ट्री की एक रिपोर्ट के अनुसार कॉर्न और सफ्लावर ऑयल में ओमेगा-3 नहीं होता. इसलिए ये दिल की सेहत के लिए फायदेमंद नहीं माने जाते. विशेषज्ञ कहते हैं कि इन तेलों से धमनियों में सूजन और दिल की बीमारियां हो सकती हैं.
3.नारियल तेल –सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन शोध बताते हैं कि नारियल तेल का ज़्यादा सेवन भी दिल की बीमारियों से जुड़ा हुआ है. इसमें सैचुरेटेड फैट बहुत होती है. यह एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है. इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन नारियल तेल का सेवन सीमित करने की सलाह देता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन भी कहता है कि सैचुरेटेड फैट कुल कैलोरी का 10 प्रतिशत से कम होना चाहिए. इसलिए नारियल तेल का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें.
4.बार-बार गरम किया गया तेल-चाहे कोई भी तेल हो अगर उसे ज्यादा या बार-बार गर्म किया जाए तो इससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है. वेजिटेबल ऑयल सेहत के लिए अच्छे होते हैं. लेकिन बार-बार एक ही तेल को गरम करने से इसके फायदे खत्म हो जाते हैं. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टडी के अनुसार बार-बार गरम किया हुआ तेल सेहत को नुकसान पहुंचाता है. ऐसे तेल लंबे समय तक खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है. इससे धमनियों में सूजन और बदलाव आते हैं जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में रुकावट) हो सकता है. इन 4 तेलों को खाना कम करें या पूरी तरह से बंद कर दें. इससे दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है. सेहतमंद जीवन के लिए तेल का सही चुनाव ज़रूरी है.
NEWS SOURCE Credit :news18



