भारतीय हैण्डबॉल महासंघ में नई कार्यकारिणी का निर्विरोध गठन, महेश कुमार चौहान बने अध्यक्ष

Indian Handball Federation: भारतीय हैण्डबॉल महासंघ के चुनाव वर्ष 2025 के लिए 27 जुलाई को नई दिल्ली स्थित कांस्टीच्यूशन क्लब में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुए। इस अवसर पर देश के सभी मान्यता प्राप्त राज्य संघों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। विशेष बात यह रही कि समस्त पदों के लिए एक-एक नामांकन आने के कारण यह चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हुआ।
यह निर्विरोध निर्वाचन न केवल संगठन की एकता और परिपक्वता का प्रतीक है, बल्कि भारतीय हैण्डबॉल के उज्ज्वल भविष्य के प्रति साझा संकल्प का भी संकेत देता है। निर्वाचन की प्रक्रिया का संचालन रिटर्निंग अधिकारी श्री राधेश्याम शर्मा और भारतीय ओलंपिक संघ के पर्यवेक्षक श्री मनजीत सिंह की निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर महासंघ (Indian Handball Federation) के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए श्री महेश कुमार चौहान ने अपने भावपूर्ण वक्तव्य में कहा कि “यह केवल मेरा नहीं, पूरे खेल समुदाय का सम्मान है। मैं इस जिम्मेदारी को नेतृत्व की नहीं, सेवा की भूमिका मानता हूँ। हम मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि हैण्डबॉल केवल एक खेल न रह जाए, बल्कि युवाओं के भविष्य निर्माण का माध्यम बने। मेरा सपना है कि हर जिले, हर विद्यालय, हर ग्राम तक हैण्डबॉल पहुंचे — और हर खिलाड़ी को यह अहसास हो कि वह देश की प्रगति में भागीदार है। हम एक ऐसा पारदर्शी, उत्तरदायी और खिलाड़ी-केंद्रित संगठन बनाएंगे जिसकी मिसाल दी जाए।”
महासचिव पद पर मध्य प्रदेश से निर्वाचित डॉ. प्रितपाल सिंह सलूजा ने भी स्पष्ट और दूरदर्शी विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि “खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समाज निर्माण का साधन है। हमारी कार्यकारिणी का उद्देश्य हैण्डबॉल को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करना, प्रशिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण देना, और खिलाड़ियों को समुचित अवसर उपलब्ध कराना। चयन प्रक्रिया से लेकर प्रतियोगिताओं तक, हम हर स्तर पर योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करेंगे। भारत को एशिया के अग्रणी हैण्डबॉल राष्ट्रों में शामिल करना हमारा स्पष्ट लक्ष्य है, और हम इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।”
कोषाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित डॉ. गुरशरण सिंह गिल ने भी अपने विचार साझा करते हुए संगठन को वित्तीय दृष्टि से सशक्त और जवाबदेह बनाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि “किसी भी संस्था की नींव उसकी वित्तीय ईमानदारी और योजनाबद्धता पर निर्भर करती है। हम एक ऐसा तंत्र विकसित करेंगे जिसमें प्रत्येक रुपया खिलाड़ी, प्रशिक्षण और खेल के विकास के लिए सदुपयोग हो। हर योजना, हर आयोजन, हर सहायता का लेखा-जोखा पारदर्शी होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि खिलाड़ियों को कभी यह अनुभव न हो कि संसाधनों की कमी ने उनके सपनों को रोका। हमारा ध्येय है — जिम्मेदार प्रबंधन, न्यायोचित वितरण और दीर्घकालिक विकास।”
शेष कार्यकारिणी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में डॉ. प्रदीप कुमार बालमुछु (झारखण्ड), उपाध्यक्ष के रूप में श्री ब्रज किशोर शर्मा (बिहार), श्री योगेश मेहता (दिल्ली), और डॉ. दुरा रथिनम (तमिलनाडु) निर्वाचित हुए हैं। संयुक्त सचिवों में सुश्री राधा रानी अहलावत, श्री पवन कुमार श्यामला, श्री रंधीर सिंह, सुश्री वरुणी नेगी और महाराष्ट्र प्रतिनिधि शामिल हैं।
कार्यकारिणी सदस्य के रूप में श्री रविन्दर सिंह (चण्डीगढ़), श्री अशुतोष शर्मा (जम्मू-कश्मीर), श्री बीरेन्द्र कुमार बेहेरा (ओडिशा), और श्री जीले सिंह संत सिंह (दादरा एवं नगर हवेली) चुने गए हैं।
यह कार्यकारिणी न केवल संगठनात्मक स्थिरता का प्रतीक है, बल्कि वह राष्ट्रीय खेल नीति में सामूहिकता, पारदर्शिता और विकासशील सोच का उदाहरण भी है। आने वाले समय में यह टीम न केवल हैण्डबॉल को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देगी, बल्कि भारत को विश्व मानचित्र पर भी गौरव दिलाने के लिए संकल्पबद्ध दिख रही है।
नव चयनित पदाधिकारियों का संक्षिप्त परिचय (Indian Handball Federation)

महेश कुमार चाौहान: अध्यक्ष
महेश कुमार चौहान वर्तमान में भारतीय हैण्डबॉल महासंघ के अध्यक्ष हैं। वे चण्डीगढ़ से हैं और वर्षों से खेल संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। उनका कार्यक्षेत्र केवल प्रशासकीय नहीं, बल्कि खेल की जमीनी वास्तविकताओं से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने चण्डीगढ़ हैण्डबॉल संघ के माध्यम से अनेक युवा खिलाड़ियों को पहचान दिलाई और क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर के शिविरों तक का सफल संचालन किया। महेश कुमार चौहान एक दूरदर्शी और व्यवहारकुशल प्रशासक माने जाते हैं, जो खेल को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सामाजिक विकास और युवाओं के सशक्तिकरण का माध्यम मानते हैं। उनके नेतृत्व में संगठन से जुड़ी कार्यशैली में पारदर्शिता, सामूहिकता और उत्तरदायित्व को प्राथमिकता दी जाती है। उनका सपना है कि हैण्डबॉल देश के हर कोने तक पहुँचे, विशेषकर विद्यालयों और ग्रामीण अंचलों में इसकी गहरी पकड़ बने।
डॉ. प्रितपाल सिंह सलूजा: महासिचव

डॉ. प्रितपाल सिंह सलूजा भारतीय हैण्डबॉल महासंघ के महासचिव हैं और मध्य प्रदेश से आते हैं। वे खेल प्रबंधन और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिक्षित हैं और खेल प्रशासन में उनका अनुभव दो दशकों से अधिक का है। इससे पहले भी वे महासचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। डॉ. सलूजा की कार्यशैली में अनुशासन, संगठनात्मक स्पष्टता और खिलाड़ियों के प्रति संवेदनशीलता प्रमुख रूप से देखी जाती है। उन्होंने विद्यालय स्तर पर ‘हैंडबॉल ऐट स्कूल’ जैसी पहल का समर्थन किया और खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं योग्यता आधारित बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। वे मानते हैं कि खेल केवल शारीरिक प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नेतृत्व और सामाजिक जागरूकता का सशक्त उपकरण है।
डॉ. गुरशरण सिंह गिल: कोषाध्यक्ष (Indian Handball Federation)

डॉ. गुरशरण सिंह गिल भारतीय हैण्डबॉल महासंघ के कोषाध्यक्ष हैं और एचएफआई एथलीट आयोग का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे लंबे समय से खेल प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में कार्यरत हैं। संगठन के वित्तीय मामलों को पारदर्शी और उत्तरदायी ढंग से संचालित करना उनकी प्राथमिकता रही है। डॉ. गिल का मानना है कि किसी भी खेल संस्था की सफलता उसकी वित्तीय ईमानदारी और योजनाबद्ध खर्च प्रणाली पर निर्भर करती है। वे हमेशा यह सुनिश्चित करने में लगे रहते हैं कि खिलाड़ियों को समय पर आवश्यक संसाधन मिलें और किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता न हो। उनकी दृष्टि में खिलाड़ी केवल प्रतियोगी नहीं, बल्कि संगठन की आत्मा होते हैं, और संस्था का प्रत्येक निर्णय उन्हीं की सुविधा और विकास को केंद्र में रखकर होना चाहिए। श्री गिल पिछले 25 वर्षों से युवा हैंडबाॉल खिलाड़ियों को िन:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने का पुनीत कार्य कर रहे हैं। इनमें से अनेक खिलाड़ियों ने अंतरार्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश की टीम को मेडल दिलवाने में अपनी महत्वपूणर्ण भूमिका का िनर्वहन किया है।




