कोई न कोई हुनर, विदेशी भाषा भी सीखें युवा: मनोहर

Manohar lal: केन्द्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल (Manohar lal) ने युवाओं से कहा है कि वे पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास पर भी ध्यान दें। हुनर के साथ-साथ दूसरी भाषाओं को सीखें और देश की जड़ों से जुड़े रहें। आत्मनिर्भर बनकर खुद के साथ-साथ परिवार व देश की चिंता करें। नई शिक्षा नीति में रोजगारोन्मुखी शिक्षा का प्रावधान किया गया है। आत्मनिर्भर बनकर खुद के साथ-साथ परिवार व देश की चिंता करें।
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केंद्रीय मंत्री आज यहां कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में प्रदेश के विदेश सहयोग विभाग और हरियाणा कौशल रोजगार निगम लि. की ओर से आयोजित पंचजन्य 2026 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस मौके पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 210 युवाओं को विदेश ( दुबई) जाने के लिए ऑफर लेटर दिए गए। श्री मनोहर लाल ने कहा कि युवाओं पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें खुद के कैरियर, परिवार के पालन-पोषण के साथ-साथ समाज और देश की भी चिंता करनी है। युवाओं से बहुत अपेक्षाएं हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विदेश सहयोग की स्थापना का विचार 2018 में तत्कालीन विदेशी मामलों की मंत्री सुषमा स्वराज से मिला।
युवा देश की संपदा
उन्होंने कहा कि आज कुछ देशों में युवाओं की संख्या घट रही है जबकि भारत में बढ़ रही है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा-बढ़ती युवा आबादी हमारी संपदा है। केंद्रीय मंत्री (Manohar lal) ने बताया कि पहले चरण में 225 युवाओं का इजराइल के लिए चयन हुआ। इनमें से 180 वहां गए। अभी वहां से 10 हजार लोगों की मांग और आई है। दूसरे चरण में अब 210 युवाओं का चयन हुआ है। युवाओं के सामने सपना 60 से 80 हजार रुपये के वेतन का नहीं है बल्कि सपना विदेश जाने का होता है। सरकार की ओर से पासपोर्ट, वीजा के साथ-साथ इन युवाओं के लिए विदेश में सुरक्षा की गारंटी भी सुनिश्चित की जाती है, जबकि डंकी रूट से जाने वालों को किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं मिलती।
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युवा विदेशी नियमों का भी पालन करें
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विदेश जाने वाले युवाओं को वहां के नियम-कानून की पालना करनी होगी। युवाओं में देश के प्रति अपनत्व की भावना होनी चाहिए। आज भी विदेश जाने वाले 90 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो अपनी जड़ों से जुड़े हैं। वे साल में एक-दो महीने के लिए जरूर अपने गांव अथवा कस्बे में आते हैं। उन्होंने कहा कि यहां के युवा केवल मिस्त्री, केयर टेेकर, इलेक्ट्रिशियन बनकर ही नहीं गए हैं बल्कि इंजीनियर, वैज्ञानिक, डॉक्टर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में भी काम कर रहे हैं। 2014 के बाद से भारत तेज गति से भारत आगे बढ़ रहा है।
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स्किलिंग पर जोर
मनोहर लाल (Manohar lal) ने कहा कि युवा पढ़ाई के साथ-साथ युवा स्किलिंग पर ध्यान दें। इसके बिना डिग्री केवल डेकोरेशन के रूप में रह जाएगी। हरियाणा के खिलाड़ी में कौशल है। खेलों में जितना नाम हरियाणा ने कमाया है उतना अन्य किसी राज्य ने नहीं। देश में हरियाणा की आबादी दो प्रतिशत होते हुए रक्षा बलों में जवानों की संख्या दस प्रतिशत है। प्रदेश में खेती की जमीन जरूर घट रही है। उन्होंने कहा कि जिन देशों में जमीन अधिक है वहां जाकर किसानों को जमीन मोल अथवा ठेके पर लेकर खेती करनी चाहिए। तंजानिया खेती के लिए एक लाख एकड़ जमीन देने को तैयार है। वहां के किसान खेती कला में पारंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के समय से ही युवाओं को कला बढ़ानी चाहिए। अंत में उन्होंने युवाओं से आह्वान किया-चलो जलाएं दीप वहां, जहां अभी अंधेरा है।




