हमारी सोच एक-बंटेंगे तो बिखरेंगे! 20 साल बाद उद्धव-राज ठाकरे की पार्टी में गठबंधन

Uddhav and Raj Thackeray: उद्धव और राज ठाकरे ने बुधवार को बृहन मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव एक साथ लड़ने का ऐलान किया। 20 साल बाद दोनों की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) और मनसे में चुनावी गठबंधन हुआ है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारी सोच एक है अगर बंटेंगे तो बिखरेंगे। महाराष्ट्र के लिए हम सब एक हैं। इससे पहले दोनों नेता शिवाजी पार्क स्थित बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पहुंचे और श्रद्धांजलि दी।
महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगमों में 15 जनवरी को वोटिंग होगी। 16 जनवरी को रिजल्ट आएगा।
इससे पहले 2005 में राज ठाकरे ने शिवसेना से अलग होकर मनसे पार्टी बनाई थी। दोनों ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया।
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उद्धव ठाकरे बोले- बंटेंगे तो हम सब बिखर जाएंगे
मैं सभी से अनुरोध और अपील करता हूं कि पिछली विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसा दुष्प्रचार किया था। मैं मराठी लोगों से कहना चाहता हूं- अब अगर आपसे चूक हुई तो सब खत्म हो जाएगा। अब अगर हम बंटे तो पूरी तरह मिट जाएंगे। इसलिए न टूटें, न बंटें। मराठी अस्मिता की विरासत को न छोंड़ें।
राज ठाकरे बोले- मुंबई का मेयर मराठी होगा
मैने एक बार कहा था कि हमारी आपसी किसी भी विवाद या लड़ाई से महाराष्ट्र बड़ा है। आज की बैठक के बाद हम अन्य नगर निगमों के लिए भी घोषणा करेंगे। मुंबई का मेयर मराठी ही होगा और वह हमारे दल से होगा।
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BMC चुनाव क्यों है साख: Uddhav and Raj Thackeray
BMC चुनाव सिर्फ नगर निगम का नहीं, बल्कि मुंबई की सत्ता हासिल करने की लड़ाई है। इसलिए यह महायुति और महाविकास अघाड़ी के लिए साख का सवाल है।
मुंबई नगर निगम का बजट गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के बजट से भी बड़ा है।
यही कारण है कि भाजपा, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, कांग्रेस, शरद पवार और अजीत पवार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।
74,000 करोड़ रुपए के बजट वाली एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी BMC पर बिना बंटे शिवसेना ने (1997-2017) तक राज किया था। तब BJP उसकी सहयोगी थी।




