कमाल का है प्रधानमंत्री का मन की बात कार्यक्रम

Mann Ki Baat: विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने आज गांव अमृतपुर कलां में ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के131वें संस्करण को सुना। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होने वाले प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को जरूर सुनें।
जरूर पढ़े: हाईकोर्ट में ज्योति मल्होत्रा की जमानत पर सुनवाई आज
कल्याण ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश व समाज हित में हो रहे कार्यों की जानकारी देते हैं ताकि दूसरों को इनसे प्रेरणा मिल सके। जागरूकता के नाते पीएम का यह कार्यक्रम कमाल का है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि वे खेत में काम पर हैं तो भी आधा घंटा के इस कार्यक्रम (Mann Ki Baat) को मोबाइल पर सुनें। किसी वजह से कार्यक्रम मिस हो जाए तो उसका वीडियो सुनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 131वें एपिसोड में आज एआई समिट, ऑर्गन डोनेशन, होली और रमजान की बात की। पीएम ने कहा कि भारत ने 3 मॉडल भी पेश किए। यह एआई की सबसे बड़ी समिट रही है।
मन की बात (Mann Ki Baat) में पीएम ने बताया कि टी 20 वर्ल्ड कप में कई देशों में भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं। वह दूसरे देश से इसलिए खेल रहा होता है क्योंकि उसका परिवार वहां बस चुका है।कनाडा टीम के कप्तान का जन्म गुरदासपुर में हुआ था। ये कनाडा के साथ-साथ भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। अमेरिका टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात अंडर 16-18 के लिए भी खेल चुके हैं। ओमान की टीम में ऐसे कई नाम हैं। इटली, यूएई की भी टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं।
जरूर पढ़े: डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत: साल में सबसे बड़ी बढ़त
कल्याण ने कहा कि देश में ऑर्गन डोनेशन की जरूरत को दर्शाते हुए प्रधानमंत्री ने आज कार्यक्रम में बताया कि केरल में 10 महीने की बच्ची आलीन की मौत हो गई। उसके माता-पिता ने आलीन के अंग दान का फैसला लिया। आलीन का नाम सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनेशन की लिस्ट में जुड़ गया है। डिजिटल अरेस्ट के प्रति लोगों को और अधिक जागरूक रहने के लिए भी पीएम ने प्रेरित किया। पीएम ने कहा कि किसान परंपरा, टेक्नॉलजी दोनों को साथ लेकर चल रहे हैं। गुणवत्ता, इनोवेशन पर ध्यान दे रहे हैं। करीब 8 साल पहले तक ओडिशा के किसान पारंपरिक ढंग से खेती करते थे लेकिन अब उन्होंने मजबूत ढांचा बनाकर उस पर बेल वाली सब्जियां उगाई।
बच्चों से कहा कि आजकल चल रही परीक्षाओं के दौरान खुद पर भरोसा रखें, जो पढ़ा मन से लिखें। जो नहीं आया उस सवाल को मन पर हावी न होने दें। माता-पिता और टीचर से बात करते रहें।




