सही दिशा में नहीं चल रही धान घोटाले की जांच: रतनमान

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BKU: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने करनाल में हुए करोड़ों रुपए के धान घोटाले की चल रही जांच पर असंतोष व्यक्त किया है। यह मामला केवल सरकारी लापरवाही या कागजी गड़बड़ी का नहीं है बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित, संगठित और योजनाबद्ध तरीके से किया गया अपराध है। जिसमें प्रभावशाली लोगों और बड़े राजनीतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्तियों की संलिप्तता होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

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किसान नेता रतनमान ने जारी व्यक्तव्य में कहा कि धान घोटाले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद भी किसी भी बड़े आरोपी की गिरफ्तारी न होना, जांच एजेंसियों की कार्यशैली और सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जब तक इस घोटाले के असली सरगना और राजनीतिक सरंक्षण प्राप्त बड़े षड्यंत्रकारी अब तक कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जांच प्रक्रिया को धीमा करके षड्यंत्रकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार कुछ चहेते लोगों के बचाव की मुद्रा में कार्य कर रही है। जोकि सही नहीं है। ऐसे लोगों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजने की कार्रवाई करनी चाहिए।

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रतनमान ने कहा कि हर एक अपराधी की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश ही जांच की सफलता का वास्तविक पैमाना होता है। यदि बड़े दोषियों को बचाया गया, तो यह स्पष्ट होगा कि जांच निष्पक्ष नहीं बल्कि दबाव में की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही करनाल धान घोटाले में संलिप्त बड़े राजनीतिक चेहरों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भाकियू किसानों के हक़ में अपना आंदोलन जारी रखेगी।

एसकेएम की राष्ट्रीय बैठक में उठया जाएगा धान घोटाला (BKU)

रतनमान ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी 24 फरवरी को कुरूक्षेत्र स्थित जाट धर्मशाला में आयोजित होने वाली एसकेएम की राष्ट्रीय बैठक में करनाल धान घोटाले का मुद्दा विशेष एजेंडे में शामिल किया जाएगा। इस बैठक में देशभर के किसान नेताओं के साथ आगे की रणनीति तय की जाएगी और सरकार पर जवाबदेही तय करने के लिए ठोस दबाव बनाया जाएगा। किसान अब चुप नहीं बैठेंगे। जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी और किसानों का पैसा सुरक्षित नहीं होगा। तब तक भाकियू का संघर्ष जारी रहेगा।

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