हिंदू स्टूडेंट्स की पढ़ाई अटकी, मुस्लिमों के एडमिशन का विरोध: वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द

Budgam: कश्मीर के बडगाम (Budgam) की रहने वाली बिलकिस 6 जनवरी की शाम को कॉलेज हॉस्टल में थीं। बिलकिस जम्मू में कटरा के श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस से MBBS की पढ़ाई कर रही थीं। बिलकिस मुस्लिम हैं और कॉलेज की 50 सीटों में 42 पर मुस्लिम स्टूडेंट के एडमिशन की वजह से हिंदूवादी संगठन इसका विरोध कर रहे थे।
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बिलकिस फिलहाल घर पर हैं। उन्हें नहीं पता कि आगे की पढ़ाई कैसे होगी। किसी और कॉलेज में एडमिशन मिल भी गया, तो कैसे कोर्स कवर करेंगी। हिंदूवादी संगठनों की दलील थी कि कॉलेज माता वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में है और भक्तों के दान से बना है इसलिए इसमें सिर्फ हिंदू स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलना चाहिए।
श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले इस मेडिकल कॉलेज में 2025 में MBBS की पढ़ाई शुरू हुई थी। मान्यता रद्द होने के बाद सभी स्टूडेंट घर लौट गए हैं। इस विवाद पर दैनिक भास्कर ने कुछ स्टूडेंट्स से बात की। क्या सच में ये कॉलेज दान के पैसों से चलता है, इसकी भी पड़ताल की। पता चला कि जम्मू-कश्मीर सरकार से यूनिवर्सिटी को हर साल मदद मिल रही है। 2017 से 2025 तक सरकार ने करीब 121 करोड़ रुपए की मदद की है।
नाम: बिलकिस
पता: बडगाम, कश्मीर
MBBS, फर्स्ट ईयर
बिलकिस ने हमें एडमिशन से अब तक की पूरी कहानी सुनाई। वे बताती हैं, ‘25 अक्टूबर, 2025 को NEET की थर्ड राउंड काउंसलिंग हुई थी। इसी में मुझे एडमिशन मिला। NEET में मेरे 490 नंबर आए थे। जम्मू-कश्मीर डिवीजन में 758वीं रैंक थी। 29 अक्टूबर को एडमिशन की प्रोसेस पूरी हुई और 3 नवंबर से क्लास शुरू हो गई।’
बिलकिस के घर से ये कॉलेज करीब 250 किमी दूर है। उन्होंने चॉइस फिलिंग में दूसरे कॉलेज भी रखे थे, इनमें श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस मिल गया। बिलकिस को कॉलेज के बारे में पता चला कि यहां फैकल्टी और बाकी सुविधाएं अच्छी हैं। इसलिए उन्होंने एडमिशन ले लिया।
NEWS SOURCE Credit: Dainik Bhaskar




