कुछ जिलों में कैसे सिमटे 9 राज्यों में फैले नक्सली: नक्सलवाद की रीढ़ बासवराजू भी ढेर

Naxalism: 21 मई को नक्सली आंदोलन की रीढ़ पर सबसे बड़ा प्रहार हुआ। सुरक्षाबलों ने 26 नक्सलियों (Naxalism) के साथ डेढ़ करोड़ के ईनामी नंबाला केशव राव उर्फ बासवराजू को भी मार गिराया। पिछले 3 दशक में दर्जनों नक्सली हमलों के पीछे बासवराजू ही था।
गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा- तीन दशकों में पहली बार हमने एक महासचिव स्तर के नेता को मारा है। मोदी सरकार 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म कर देगी।
Naxalism: क्या नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जा सकता है?
‘नक्सलबाड़ी अबूझमाड़’ किताब लिखने वाले सीनियर जर्नलिस्ट आलोक पुतुल बताते हैं, ‘1967 में शुरू हुआ नक्सलवाद आंदोलन 1973 तक लगभग खत्म हो चुका था। करीब 40 साल बाद केंद्र सरकार ने माना कि ये आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है। यानी नक्सलवाद फिर से खड़ा हुआ। धरातल से भले ही नक्सलियों को खत्म कर दिया, लेकिन इनकी सोच को खत्म नहीं किया जा सकता।’
छत्तीसगढ़ के DGP रहे आरके विज ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘हम नक्सली इलाकों में कंट्रोल पा सकते हैं और भरपूर प्रगति कर सकते हैं, लेकिन हर एक नक्सली को पकड़ा या खत्म नहीं किया जा सकता है। हालांकि, फोर्सेज के ऑपरेशंस तेजी से बढ़ रहे हैं और सफल भी रहे हैं।




