थाईलैंड और सिंगापुर में हालात बेकाबू, विशेषज्ञों ने बताया बचाव का नया और असरदार तरीका: भारत में जानलेवा हुआ कोरोना

Corona virus: कोरोना वायरस ने नए वेरिेंट JN.1 ने एक बार फिर यू-टर्न लेकर लोगों को डराना शुरू कर दिया है। कई देशों में संक्रमितों की संख्या में तेज़ इज़ाफा हुआ है। थाईलैंड और सिंगापुर में हालात बेकाबू हो गए हैं। वहीं भारत में कोरोना के नए मामलों को लेकर भी चिंता गहराने लगी है। भारत में भी कोरोना जानलेवा हो गया है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित दो लोगों की मौत हो गई है। मुंबई में कोविड संक्रमित दो मरीजों की मौत की भी खबर है। हालांकि, दोनों ही मरीजों की स्थिति पहले से गंभीर थी। एक मरीज को मुंह का कैंसर था। जबकि दूसरे को नेफ्रोटिक सिंड्रोम था। ये मरीज मुंबई के केईएम अस्पताल में भर्ती थे।
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भारत में एक्टिव केस की संख्या 257 के पार पहुंच गई है। वहीं सबसे ज्यादा केस केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से आ रहे हैं. जिसके बाद से देश में चिंता बढ़ गई है।हालांकि देश में कोरोना की यह नई लहर पहले जैसी नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि खतरा टल गया है। वायरस के नए वैरिएंट्स सामने आ रहे हैं, जो ज्यादा तेजी से फैलते हैं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को जल्दी अपनी चपेट में ले सकते हैं।
सिंगापुर में कोरोना को लेकर हाई अलर्ट जारी
सिंगापुर में कोविड-19 के मामलों में 28% की वृद्धि दर्ज की गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। यहां कोविड-19 के कुल अनुमानित केस 14,200 तक पहुंच गए हैं। इससे ज्यादा गंभीर बात यह है कि अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में भी लगभग 30% का इज़ाफा हुआ है। 5 मई से 11 मई के बीच सिंगापुर में 25,900 नए केस सामने आए। इसी अवधि में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की औसत दैनिक संख्या 181 से बढ़कर 250 हो गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 2 से 4 हफ्तों में यह लहर अपने चरम पर पहुंच सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ओंग ये कुंग ने कहा कि समय के साथ लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) कम हो गई है। उन्होंने सभी नागरिकों से टीकाकरण का नया दौर शुरू करने और बूस्टर डोज लेने की अपील की है।
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Corona virus: थाईलैंड में भी स्थिति बिगड़ने लगी, बैंकॉक सबसे ज्यादा प्रभावित
थाईलैंड में कोविड-19 के कई नए केस सामने आए हैं। bangkokpost पर छपे आर्टिकल के अनुसार, थाईलैंड के रोग नियंत्रण विभाग के अनुसार, पिछले सप्ताह 33,030 नए मामले दर्ज किए गए। इनमें से सिर्फ बैंकॉक में ही 6,000 से ज्यादा केस मिले हैं। इनमें से 1,918 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है, एक सुखोथाई और दूसरा कंचनबुरी में।
हांगकांग में कोरोना की वापसी, बुज़ुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
हांगकांग में कोविड-19 संक्रमण की नई लहर शुरू हो चुकी है. यहां स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मार्च में जहां पॉजिटिविटी रेट 1.7% था, वह अब बढ़कर 11.4% तक पहुंच गया है। अब तक 81 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 30 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मरने वालों में ज़्यादातर बुज़ुर्ग लोग हैं, जिन्हें पहले से कोई न कोई स्वास्थ्य समस्या थी। हांगकांग के डॉक्टर त्सुई ने बताया कि यह वृद्धि Herd Immunity के कारण हो रही है। इसका मतलब है जब एक जगह रहने वाले अधिकतर लोगों ने वैक्सीन लगवाई हो लेकिन अब उसका असर धीरे-धीरे कम हो रहा हो।
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Corona virus: किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
हल्का बुखार या गले में खराश
नाक बंद हो जाना या बहना
सिरदर्द और बदन में दर्द
थकान महसूस होना
सूखी खांसी या सांस लेने में तकलीफ होना
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विशेषज्ञों ने बताया कोरोना से बचाव का नया और असरदार तरीका
कोरोना के नये वेरिएंट के आने के बाद अब वैज्ञानिकों ने कोरोना का एक नया, सुरक्षित और असरदार नाक वाला टीका खोजा है, जो वायरस को शरीर में घुसने से पहले ही रोक सकता है। उनका मानना है कि यह ज्यादा सुरक्षित, ज्यादा असरदार हो सकता है और वायरस को वहीं रोक सकता है, जहां से वह शरीर में घुसता है यानी नाक में ही।
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Corona virus: नाक वाली वैक्सीन, इंजेक्शन वाली से कैसे अलग है?
अभी जो ज्यादातर टीके लगते हैं जैसे कोरोना के टीके, वे बांह में इंजेक्शन के जरिए दिए जाते हैं। ये टीके शरीर के अंदर जाकर हमारी इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को बढ़ाते हैं। लेकिन Yale University के वैज्ञानिकों ने एक नई रिसर्च की है, जिसके नतीजे ‘Nature Immunology’ नाम की पत्रिका में छपे हैं। इसमें उन्होंने पाया है कि नाक से दी जाने वाली वैक्सीन (जिसे ‘नेज़ल वैक्सीन’ कहते हैं) ज्यादा फायदेमंद हो सकती है। खासकर उन बीमारियों के लिए जो सांस के जरिए फैलती हैं, जैसे कि कोरोना।
NEWS SOURCE Credit : lalluram




